बवासीर (पाइल्स) का आयुर्वेदिक परामर्श एवं उपचार

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बवासीर (पाइल्स) रोग विशेषज्ञ देवरिया

कुछ व्यक्तियों को अपने रोजगार की वजह से घंटे खड़े रहना पड़ता है, जैसे- बस कंडक्टर, ट्रॉफिक पुलिस, इसके अलावा भारी वजन उठाना, खानपान की अनमियतता, शौच ठीक से ना होना, फाइबर युक्त भोजन का सेवन न करना, महिलाओं में प्रसव के दौरान गुदा क्षेत्र पर दबाव पड़ना, आलस्य या शारीरिक गतिविधि का कम होना, धूम्रपान और शराब का सेवन आदि पाइल्स (बवासीर) जैसे बीमारी को जन्म दे जाते हैं

बवासीर (Piles) या Hemorrhoids एक ऐसी बीमारी है, जो बेहद तकलीफदेह होती है। इसमें गुदा (Anus) के अंदर और बाहर तथा मलाशय (Rectum) के निचले हिस्से में सूजन आ जाती है। इसकी वजह से गुदा के अन्दर और बाहर, या किसी एक जगह पर मस्से बन जाते हैं। मस्से कभी अन्दर रहते हैं, तो कभी बाहर आ जाते हैं। बवासीर की समस्या में रोगी को सही समय पर पाइल्स का इलाज (Piles Treatment) कराना बेहद ज़रूरी होता है, समय पर बवासीर का उपचार नहीं कराया गया तो तकलीफ काफी बढ़ जाती है, रक्त स्त्राव बढ़ सकता है, दर्द बढ़ सकता है, अथ: समय रहते उपचार करवाए

जे एन क्लिनिक बवासीर (Piles) या Hemorrhoids रोगियों की विशेषकृत आयुर्वेदिक उपचार हेतु संकल्पित है । विकारों के लिए परामर्श, एवं आयुर्वेदिक चिकित्सकीय प्रक्रियाएं प्रदान की जाती हैं ! इसके साथ ही साथ डाइट और एक्सरसाइज काउंसलिंग उचित मूल्य पर प्रदान की जाती है,

पाइल्स कितने प्रकार के होते है ?

पाइल्स दो प्रकार की होती हैं

खूनी पाइल्स

खूनी बवासीर में किसी प्रकार की पीड़ा तो नहीं होती पर इसमें मलत्याग करते समय खून आने लगता है, इसमें गुदा के अन्दर मस्से हो जाते हैं। मलत्याग के समय खून मल के साथ थोड़ा-थोड़ा टपकता है, बाद में इसमें रक्त की मात्रा बाद जाती है मल त्यागने के बाद मस्से अपने से ही अन्दर चले जाते हैं। गंभीर अवस्था में यह हाथ से दबाने पर भी अन्दर नहीं जाते। इस तरह के बवासीर का तुरंत उपचार कराएं

बादी पाइल्स

बादी बवासीर में पेट की समस्या जैसे कब्ज, गैस बनी रहती है। इसके मस्सों में रक्तस्राव नहीं होता पर यह मस्से बाहर आसानी से देखे जा सकते हैं, इनमें तीव्र खुजली एवं जलन होती है। प्रारंभ में यह तकलीफ नहीं देते, लेकिन लगातार अस्वस्थ खान-पान और कब्ज रहने से यह फूल जाते हैं और खून जमा हो जाता है, साथ ही साथ सूजन हो जाती है।
इसमें भी असहनीय पीड़ा होती है, और रोगी दर्द से छटपटाने लगता है। मलत्याग करते समय, और उसके बाद भी रोगी को दर्द बना रहता है। वह स्वस्थ तरह से चल-फिर नहीं पाता, और बैठने में भी तकलीफ महसूस करता है। इलाज कराने से यह समस्या ठीक हो जाती है,

बवासीर (piles) के लक्षण क्या है ?

  • गुदा के आस-पास कठोर गांठ,दर्द या खून भी आ सकता है
  • शौच के बाद भी पेट साफ ना होने का आभास रहता है
  • शौच के वक्त जलन के साथ लाल चमकदार खून आना
  • शौच के वक्त दर्द
  • गुदामार्ग के आस-पास खुजली,लालीपन, व सूजन
  • शौच के वक्त म्यूकस का आना
  • बार-बार मल त्यागने की इच्छा होना, पर त्यागते समय मल का बाहर ना आना

ये सारे लक्षण पाइल्स (बवासीर) लक्षण की सम्भावना को स्पष्ट करते हैं

उपचार प्रक्रिया

जे एन क्लिनिक देवरिया, - आपको पाइल्स (बवासीर ) की उचित स्वास्थ्य जांच, प्राचीनतम एवं आधुनिक आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रकिया को अपनाकर रोगों से मुक्त कराने के लिए संकल्पित है ! चिकित्सा प्रक्रिया ३५ साल अनुभवी बवासीर रोग विशेषज्ञ द्वारा की जाती है ! चिकित्सा प्रकिया पूर्ण रूप से प्राकृतिक, दर्दरहित हैं जिसका कोई शारीरिक साइड इफ़ेक्ट नही हैं,

अगर आप भी बवासीर पाइल्स की समस्या से परेशान हैं और चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहते है तो शीघ्र जे एन क्लिनिक देवरिया से संपर्क करे और अपॉइंटमेंट ले +91-8860455545 हम आपके सेवार्थ में सदेव तत्पर है

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